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Govardhan Puja or Annakut - श्रीगिर्रिराज धरण प्रभु तेरी शरण

Govardhan Puja, Annakut : Fri, 20 October 2017 Govardhan Puja Muhurta: 3.27 pm to 17.42 pm
The day after Deepawali is celebrated as Govardhan Puja (गोवर्धन पूजा). This year Fri, 20 October 2017, when Mount Govardhan, near Mathura, is worshipped. Pious people keep awake the whole night and cook 56 (or 108) different types of food for the bhog (भोग - the offering of food) to Krishna. This ceremony is called annkut (अन्‍नकूट) which means a mountain of food. Various types of food – cereals, pulses, fruit, vegetables, chutneys, pickles, and salads – are offered to the Deity and then distributed as prasada to devotees. This festival is in commemoration of the lifting of Mount Govardhan by Lord Krishna.

According to a legend, before Krishna was born, Indra, the god of Rain, was the chief deity of Vraj. Then Krishna instigated the people to stop worshipping Indra. Indra wanted to show his power over Krishna and brought about a cloud-burst which flooded the countryside for many days. People were …
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Bhaiya (Bhai) Dooj : Never be hurled into Hell

Bhai Dooj, Yam Dwitiya
Saturday 21 October 2017
Bhai Duj Tika Muhurta 13:12 to 15:27
Bhaiya Dooj (भय्या दूज), comes once a year after diwali on second day of bright fortnight of kartik (this year Sat, 21 October 2017). The sister applies the tikka on the brother’s forehead. The Puja is usually performed in the mother’s house before the brothers leave for work or study.

Bhai Duj is also called 'Yama Dwiteeya' as it's believed that on this day, Yamaraj, the Lord of Death and the Custodian of Hell, visits his sister Goddess Yamuna, who puts the auspicious mark on his forehead and prays for his well being. So it's held that anyone who receives a Tilak from his sister on this day would never be hurled into hell.

According to one legend, on this day, Lord Krishna, after slaying the Narakasura demon, goes to his sister Subhadra who welcomes Him the lamp, flowers and sweets, and puts the holy protective spot on her brother's forehead.

Bhaiya Dooj is a day dedicated to sisters. W…

The Most Auspicious Time for Lakshmi Puja on Diwali

प्रस्तुत वर्ष दीपावली का पर्व Thu, 19 October 2017 की अमावस एवं चित्रा नक्षत्र योग मे होगा। दीपावली मे अमावस तिथि, प्रदोष, निशीथ एवं महानीशीथ काल तथा तुला का सुर्य वा तुला का चंद्रमा विशेष महत्वपूर्ण माने जाते हैं।


Diwali (Laxmi Puja) Muhurta 2017 प्रदोष काल - अपने नगर के सुर्यास्त से लेकर 2 घन्टे 40 मिनट तक का समय | अर्थात Delhi (India) मे प्रदोष काल सांय सुर्य अस्त 5 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा।

Delhi मे स्थिर लग्न (वृष) की व्याप्ति रात्रि 19:11 से 21:06 बजे तक रहेगी।

अतेव सांय 19:11 बजे से रात 20:16 तक का प्रदोष काल विशेष रूप से श्री गणेश, श्री महालक्ष्मी पूजन, कुबेर पूजन, बसना अर्थात Accounts Books बही खातो का पूजन, दीपदान, अपने आश्रितों को Sweets, Gifts आदि बांटना तथा धर्मस्थलो पर दानादि करना कल्याणकारी होगा।

निशीथ काल (Nisheetha Kaal) में श्री महालक्ष्मी पूजन, नवग्रह पूजन, स्तोत्र, काम्य मन्तरों के जपानुष्ठान तथा ब्रह्मणो को यथा शक्ति वस्तर (cloth), फल, अनाज धन आदि का दान करना शुभ होता है।

Mahanisheetha Kaal : 23.40 to 24:31+ (Midnignt)

दीपावली पूजन महा…

Chaughadia Muhurat - Auspicious Time for Laxmi Pujan @ Home & Offices

श्रीमहालक्ष्मी पूजन एवं दीपावली का महापर्व कार्तिक कृष्ण अमावस में प्रदोष काल एवं अर्धरात्रि व्यापिनि हो, तो विशेष रुप से शुभ होती है ।
लक्ष्मी पूजन, दीपदानादि के लिये प्रदोषकाल ही विशेषतया प्रश्स्त माना गया है-
कार्तिके प्रदोषे तु विशेषेण अमावस्या निशावर्धके । तस्यां सम्पूज्येत्‌ देवीं भोगमोक्षं प्रदायिनीम ॥ (भविष्य पुराण)
अपने नगर के सूर्यास्त के समय से २.२४ मिनट तक का समय प्रदोष काल कहलाता है। अगर सूर्यास्त ६ बजे का है तो प्रदोष काल ८.२४ तक का होगा । कहीं कहीं ८-१२ मिनट का अन्तर आ सकता है, उसके लिये उचित होगा आप प्रदोष काल में १५ मिनट अन्तर रखें। जैसे ६ बजे को ६.१५ माने ८.२४ को ८.०९ ।
लो !! निकल आया लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ।

Laxmi - Dipmala Pujan 2017 : Thu, 19 October
Pradosh Kal: 17:43 to 20:16 (Delhi,India)
स्थिर लग्न प्रदोष काल के साथ हो तो अति शुभ होगा । 
भारत में वृष लग्न प्रदोष काल बेला में उपस्थित है ।
दिल्ली में 19:11 से 21:06 तक वृष लग्न होगा ।

Shubh Chaughadia

17:43 से 19:19 मिं तक रात्रि की अमृत चोघडिया भी रहेंगी।


Most Auspicious Time for Deepotsav & Maha Lakshmi Pujan 19:11 to 20:…

Quick and Easy Diwali - Laxmi Pujan @ Home

दीवाली लक्ष्मी पूजन विधि –

Quick and Easy Laxmi Puja @ Home

एक पट्टे पर लाल कपड़ा बिछाकर पट्टे को चारों ओर से कलावे से बांध दें। फिर इस पर हल्दी और आटे से एक अष्टदल कमल या श्री लक्ष्मी यंत्र बनाएं। पट्टे पर एक ओर लघु सूखा नारियल और दूसरी ओर दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करें। पट्टे के नीचे दायीं ओर चावल की ढेरी पर एक कलश स्थापित करें। पूजा प्रारंभ करने से पूर्व साधक दुरात्माओं और आसुरी शक्तियों को भगाने के लिए चारों दिशाओं में राई या सरसों फेंकें तथा पवित्रीकरण मंत्र से अपने चारों ओर पवित्र जल से छींटे डालें।

हाथ में जल लेकर संकल्प मंत्र से पूजा का संकल्प लें।

मैं (अपना नाम बोलें), सुपुत्र श्री (पिता का नाम बोलें), जाति (अपनी जाति बोलें), गोत्र (गोत्र बोलें), पता (अपना पूरा पता बोलें) अपने परिजनो के साथ जीवन को समृध्दि से परिपूर्ण करने वाली माता महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिये कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन महालक्ष्मी पूजन कर रहा हूं। हे मां, कृपया मुझे धन, समृध्दि और ऐश्वर्य देने की कृपा करें। मेरे इस पूजन में स्थान देवता, नगर देवता, इष्ट देवता कुल देवता और गुरु देवता सहायक हों …

Happy Diwali | Lakshmi Puja - Festival of Lights

DEEPAVALI or Diwali means “a row of lights”. It falls on the last two days of the dark half of Kartik (October-November). For some it is a three-day festival. It commences with the Dhan-Teras, on the 13th day of the dark half of Kartik (hindu month), followed the next day by the Narak Chaudas, the 14th day, and by Deepavali proper on the 15th day.

According to the legends Lakshmi, Goddess of wealth, was incarnated on the new moon day (amaavasyaa) of the Kartik month during the churning of the ocean (samudra-manthan), hence the association of Diwali with Lakshmi. From that day she is worshipped as the symbol of wealth and prosperity. It is also said that on this very day Lord Vishnu rescued Goddess Lakshmi from the prison of Demon king bali and for that reason Goddess Lakshmi is worshipped on the day of Diwali. In Bengal the festival is dedicated to the worship of Kali. It also commemorates that blessed day on which the triumphant Lord Rama returned to Ayodhya after defeating Ravana. On…

Great Mantras of Ganesha, Laxmi and Kuber – a must on diwali

To invoke the blessings of Lord krishna, Ganesha, Maa Laxmi, Maa Durga, Maa Saraswati and God Kuber, chant the following mantras on the eve of Deepavali festival (during night). धन समृध्दि यश वैभव सुख शांति प्राप्ति हेतु अनुकूल मंत्र :Ganesha’s Mantras || ॐ श्री गणेशाय नमः ॐ || “Om shree ganneshaay namah Om” ॐ गं गणपतये नम:  ॐ अग्रण्ये नम:

*** गणेश गायत्री  ॐ महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि,                                                            तन्नो दन्ति: प्रचोदयात्। *** लक्ष्मी विनायक मंत्र - रोजगार की प्राप्ति व आर्थिक वृद्धि के लिए
ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।

***
Maa Durga’s Mantras || ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ || “Om AiN HreeN KleeN Chaamunnddaayai Vichche Om”

Deepavali Poojan Ki Samagri : List of items for Diwali (Lakshmi) Puja

Following is the list of important materials (samagri) required to perform Maha Lakshmi Pujan, Ganesh Puja, Navagrah Puja, Shodashmatruka Puja, MahaKaali Puja, Maha Sarswati Puja, Kuber Puja, Tula Maan and Deepavali Puja .

Diwali - Lakshmi Pujan Items



Quick Short List of Laxmi Puja Samagri – My Favourite



Also Read: Diwali - Laxmi Pujan Muhurat

Alternate long list of Puja Essential :

1. मूर्तियां - Ganesh & Lakshmi Idols

2. सिक्के - Gold and/or Silver coin embossed with picture of Goddess Lakshmi, new Currency notes

3. वस्त्र - New cloth for Laxmi & Ganeshji

4. चौकियां

5. Cash Register/Accounts Books

6. Coins' Bag

7. Pen

8. Ink Pot (Black)

9. थालियां 3

10. धूप (Dhoop , Agarbati)

11. Pure Ghee, Curd, Honey, Pure Water ( Ganga Jal)

12. पंचाम्रत (Mixture of Milk, Curd, Honey, Sugar, Ghee)

13. हल्दी चूना (Turmeric Powder)

14. रोली  (Kalawaa), अत्तर - (Scent)

15. कलश (Kalash), 2 mtr white and red cloth (each)

16. गमछा handy towel

17. कर्पूर, नरीयल (coconut with water) and गोला

18. …

Diwali Pujan Vidhi : How to Perform Lakshmi Puja on Deepavali

Sri Maha Lakshmi Pujan Vidhi
जनसाधारण के लिये विधि विधान द्वारा पूजन करना एक दुष्कर कार्य है। जो व्यक्ति कर्मकांड में निपुण होता है, उस व्यक्ति के द्वारा ही यह कार्य कुशलतापुर्वक सम्पन्न किया जाता है। इस पूजन में अनेक मंत्रो का प्रयोग किया जाता है जो कि संस्कृत में होते हैं। इसलिये मंत्रोउच्चारण में त्रुटि की सम्भावना भी रहती है। जो व्यक्ति कर्म कांड से अनभिग्य हैं, वे भी इसे सही तरह से सम्पन्न कर सकते हैं।

Details of Puja Essentials - Laxmi Pujan Samagri

Initial Puja and Preparation

दीपावली (Diwali) के दिन शुभ मुहूर्त (Muhurta) में घर में या दुकान में, पूजा घर के सम्मुख चौकी बिछाकर उस पर लाल वस्तर बिछाकर लछ्मी-गणेश की मुर्ति या चित्र स्थापित करें तथा चित्र को पुष्पमाला पहनाएं। मुर्तिमयी श्रीमहालछ्मीजी के पास ही किसी पवित्र पात्रमें केसरयुक्त चन्दनसे अष्टदल कमल बनाकर उसपर द्रव्य-लछ्मी (रुपयों) को भी स्थापित करके एक साथ ही दोनोंकी पूजा करनी चाहिये। पूजन-सामग्री को यथास्थान रख ले। पूजन के लिये पूर्व (east) या उतर (north) की और मुख करके बैठें। इसके पश्चात धूप, अगरबती और ५ दीप (5 diya) शुध्द …

Deepavali - Laxmi Pujan Vidhi - 2

Diwali - Laxmi Pujan Vidhi लक्ष्मी पूजा विधि
ओम अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोस्ति वा। य: स्मेरत पुण्डरीकांक्ष स बाह्यभ्यन्तर: शुचि: ॥
चौकी के दायीं ओर घी का दीपक प्रज्जवलित करें। इसके पश्चात दाहिने हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर निम्न मंत्रों से स्वस्तिवाचन करें -
ओम स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धाश्रवा: स्वस्ति न: पूषा विश्ववेदा:। स्वस्ति नस्ताक्ष्र्यो अरिष्टनेमि:स्वस्तिनो बृहस्पतिर्दधातु॥
पय: पृथिव्यांपय ओषधीयु पयो दिव्यन्तरिक्षे पयो धा:। पयस्वती: प्रदिश: सन्तु मह्यम। विष्णो रामटमसि विष्णो: श्नप्त्रेस्थो विष्णो: स्यूरिस विष्णोधुरर्वासि:। वैष्णवमसि विष्णवे त्वा॥ अग्निर्देवताव्वातोदेवतासूय्र्योदेवता चन्द्रमा देवताव्वसवो देवता रुद्रोदेवता बृहस्पति: देवतेन्द्रोदेवताव्वरुणादेवता:॥ ओम शांति: शांति: सुशांतिभर्वतु। सर्वोरिष्ठ-शांतिर्भवतु॥
विभिन्न देवता‌ओं के स्मरण के पश्चात निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण करें-
विनायकम गुरुं भानुं ब्रहाविष्णुमहेश्वरान। सरस्वतीय प्रणाम्यादौ सर्वकार्यार्थ सिद्धर्य॥
हाथ में लि‌ए हु‌ए अक्षत और पुष्प को चौकी पर समर्पित कर दें।
एक सुपारी लेकर उस पर मौली लपेटकर चौकी पर थोड़े से चावल…