How to make Laxmi Kuber Potli for Wealth and Prosperity - Kojagari Vrat Purnima Special

 
शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूजा की रात महालक्ष्मी-कुबेर पोटली बनाना अत्यंत शुभ और समृद्धि प्रदायक माना जाता है। इस पोटली को तिजोरी में रखने से वर्ष भर धन का अभाव नहीं होता। इसे बनाने की संपूर्ण शास्त्रोक्त विधि नीचे दी गई है:

1. आवश्यक सामग्रियां (समृद्धि के प्रतीक)
पोटली तैयार करने के लिए सबसे पहले ये सामग्रियां एकत्रित कर लें:
  • लाल या पीला रेशमी कपड़ा: एक छोटा चौकोर टुकड़ा (या बनी-बनाई छोटी रेशमी थैली)।
  • कौड़ियां: 5 या 11 पीली कौड़ियां (मां लक्ष्मी की प्रिय)।
  • गोमती चक्र: 5 या 11 चक्र (विष्णु जी और स्थिरता का प्रतीक)।
  • कमल गट्टा: 11 दाने (कमल के बीज, जो समृद्धि खींचते हैं)।
  • साबुत धनिया: 1 चम्मच (संपन्नता का प्रतीक)।
  • काली हल्दी या गांठ वाली पीली हल्दी: 1 या 3 गांठ।
  • लघु नारियल या एकाक्षी नारियल: 1 छोटा नारियल।
  • चांदी का सिक्का: 1 (यदि उपलब्ध न हो, तो सामान्य सिक्का)।
  • सफेद गुंजा (चिरमी के बीज): 11 दाने।
  • लौंग और इलायची: 5-5 पीस।
  • कपूर और इत्र (Perfume): गुलाब या चंदन का इत्र।

2. पोटली बनाने और सिद्ध करने की विधि
कोजागरी पूजा की मध्यरात्रि (निशिता काल मुहूर्त) में इस पोटली को सिद्ध किया जाता है।
चरण 1: शुद्धिकरण और स्थापना
  • पूजा स्थान पर एक छोटी चौकी या थाली रखें। उस पर गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें।
  • लाल या पीले रेशमी कपड़े को थाली में बिछाएं।
चरण 2: सामग्रियों का अभिषेक और अर्पण
  • सभी सामग्रियों (कौड़ी, गोमती चक्र, हल्दी आदि) पर गंगाजल छिड़कें।
  • कपड़े के ऊपर एक-एक करके सारी सामग्रियां रखते जाएं।
  • हर सामग्री पर कन्वेक्स (चंदन) या सिंदूर से तिलक करें।
  • सामग्रियों पर गुलाब का इत्र थोड़ा सा छिड़कें या लगाएं (मां लक्ष्मी को सुगंध अत्यंत प्रिय है)।
चरण 3: मंत्र जाप और सिद्धिकरण
  • पोटली के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • कमल गट्टे की माला या स्फटिक की माला से इस विशेष संयुक्त मंत्र का कम से कम 108 बार (1 माला) जाप करें:
    ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः ।
    ॐ कुबेराय नमः ॥
    
  • जाप के बाद मन ही मन मां लक्ष्मी और धनराज कुबेर से अपने घर में स्थायी रूप से वास करने की प्रार्थना करें।
चरण 4: पोटली बांधना
  • मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद, उस रेशमी कपड़े के चारों कोनों को मिलाकर लाल या सुनहरे रंग के रेशमी धागे (या कलावा) से बांध दें।
  • इसे इस प्रकार बांधें कि यह एक सुंदर पोटली का रूप ले ले।

3. स्थापना के नियम
  • रात भर पूजा स्थान पर रखें: कोजागरी की पूरी रात इस पोटली को माता लक्ष्मी के चरणों के पास ही रहने दें, ताकि यह रात भर के जागरण और मंत्रों की ऊर्जा को सोख सके।
  • तिजोरी में रखना: अगले दिन सुबह (ब्रह्ममुहूर्त या सूर्योदय के बाद) स्नान करके, पोटली को प्रणाम करें और इसे अपनी तिजोरी, धन रखने के स्थान या व्यापारिक गल्ले में रख दें।
  • गोपनीयता: ध्यान रखें कि इस पोटली को बार-बार किसी बाहरी व्यक्ति को न दिखाएं। इसे तिजोरी के ऐसे कोने में रखें जहां यह सुरक्षित और छिपी रहे।

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