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श्रीमहालक्ष्मी पूजन एवं दीपावली का महापर्व कार्तिक कृष्ण अमावस में प्रदोष काल एवं अर्धरात्रि व्यापिनि हो, तो विशेष रुप से शुभ होती है ।

लक्ष्मी पूजन, दीपदानादि के लिये प्रदोषकाल ही विशेषतया प्रश्स्त माना गया है-
कार्तिके प्रदोषे तु विशेषेण अमावस्या निशावर्धके ।
तस्यां सम्पूज्येत्‌ देवीं भोगमोक्षं प्रदायिनीम ॥ (भविष्य पुराण)

अपने नगर के सूर्यास्त के समय से २.२४ मिनट तक का समय प्रदोष काल कहलाता है। अगर सूर्यास्त ६ बजे का है तो प्रदोष काल ८.२४ तक का होगा । कहीं कहीं ८-१२ मिनट का अन्तर आ सकता है, उसके लिये उचित होगा आप प्रदोष काल में १५ मिनट अन्तर रखें। जैसे ६ बजे को ६.१५ माने ८.२४ को ८.०९ ।
लो !! निकल आया लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ।

Laxmi - Dipmala Pujan 2017 : Thu, 19 October

Pradosh Kal: 17:43 to 20:16 (Delhi,India) 

स्थिर लग्न प्रदोष काल के साथ हो तो अति शुभ होगा । 
भारत में वृष लग्न प्रदोष काल बेला में उपस्थित है ।

दिल्ली में 19:11 से 21:06 तक वृष लग्न होगा ।


Shubh Chaughadia

17:43 से 19:19 मिं तक रात्रि की अमृत चोघडिया भी रहेंगी।


Most Auspicious Time for Deepotsav & Maha Lakshmi Pujan
19:11 to 20:16



Auspicious for Yantra-Tantra-Mantra Sadhana
23:40 to 24:31+

सिंह लग्न : 25:41+ to 27:59+ (i.e midnight) 
Note: Simha Lagna is without Amavasya Tithi


व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी पूजा के लिए उत्तम समय |
Shubh Ki Chaughadia (दिन) : 06:28 TO 07:53
Laabh Ki Chaughadia (दिन ) : 12:06 to 13:30
Amrit Chaughadia (दिन ) : 13:30 to 14:55

                                                 * Note: Rahu Kaal 13:30 to 14.54

कर्ज में डूबे अथवा घाटे में चल रहे व्यापारी कुम्भ लग्न में लक्ष्मी पूजन करें तो लाभ होगा ।



देव-मंदिर दर्शन, दीपावली बधाईयां, भेंट, स्नान, दान आदि कार्य आप अमावस्या तिथि में करें ।