दरिद्रता का नाश एवं वैभव प्रदान करने वाला श्री गणेश मंत्र

by 9/13/2015 0 comments

श्री गणेश (विनायक) चतुर्थी से आरम्भ करके हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को श्री गणेश की केसरिया चंदन, अक्षत, दूर्वा, सिंदूर से पूजा व गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाने के बाद इस गणेश मंत्र का स्मरण करें या पूर्व दिशा की ओर मुख कर पीले आसन पर बैठ हल्दी या चन्दन की माला से कम से कम 108 बार जप करें। मंत्र जप के बाद भगवान गणेश की चंदन धूप व गोघृत आरती कर वैभव व यश की कामना करें।  

यह सरल सिद्ध मंत्र है - 
ॐ वक्रतुण्डाय हूं  ।। 

Ajay Govind

Devotee,Author

My profile has nothing great to write but I have blessings of Lord Ganesha, Maa Saraswati, Guru Bhagwan and Lord Sri HariHar.

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